Connect with us
https://aajkikhabar.com/wp-content/uploads/2020/12/Digital-Strip-Ad-1.jpg

बिजनेस

तिपहिया वाहनों की मांग बढ़ने से निर्यात बढ़ा

Published

on

Loading

dddf

कोलकाता| अफ्रीका और दक्षिणपूर्व एशिया के देशों में स्थानीय परिवहन सुविधा की मांग बढ़ने से भारतीय तिपहिया वाहनों के निर्यात में तेज वृद्धि दर्ज की गई है। यह बात इनवेस्टमेंट इनफोर्मेशन एंड क्रेडिट रेटिंग एजेंसी (आईसीआरए) द्वारा जारी एक रिपोर्ट में कही गई है। एजेंसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि गत एक दशक में देश में तिपहिया वाहन उद्योग की सालाना चक्रवृद्धि वृद्धि दर 20 फीसदी रही और 2014-15 में 4.1 लाख से अधिक तिपहिया वाहनों का निर्यात हुआ।

रिपोर्ट के मुताबिक, अफ्रीकी और दक्षिणपूर्व एशियाई देशों में सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं के अभाव और स्थानीय परिवहन सुविधा की मांग बढ़ने से देश में तिपहिया वाहन उद्योग में तेजी दर्ज की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है, “भारत से होने वाले निर्यात में श्रीलंका, बांग्लादेश, मध्य पूर्व और अफ्रीका के बाजार का 90 फीसदी योगदान रहा है।” उल्लेखनीय है कि भारत पिछले कुछ साल में दुनिया का सबसे बड़ा तिपहिया वाहन निर्माता देश बन गया है।

नेशनल

ऑनलाइन फूड ऑर्डरिंग ऐप को मनमानी करने पर 103 के बदले देने पड़ेंगे 35,453 रु, जानें क्या है पूरा मामला

Published

on

By

Loading

हैदराबाद। ऑनलाइन फूड ऑर्डरिंग ऐप स्विगी को ग्राहक के साथ मनमानी करना भारी पड़ गया। कंपनी की इस मनमानी पर एक कोर्ट ने स्विगी पर तगड़ा जुर्माना ठोक दिया। हैदराबाद के निवासी एम्माडी सुरेश बाबू की शिकायत पर उपभोक्ता आयोग ने बड़ा फैसला सुनाया है। बाबू ने आरोप लगाया था कि स्विगी ने उनके स्विगी वन मेंबरशिप के लाभों का उल्लंघन किया और डिलीवरी Food Delivery की दूरी को जानबूझकर बढ़ाकर उनसे अतिरिक्त शुल्क वसूला

क्या है पूरा मामला ?

सुरेश बाबू ने 1 नवंबर, 2023 को स्विगी से खाना ऑर्डर किया था। सुरेश के लोकेशन और रेस्टॉरेंट की दूरी 9.7 किमी थी, जिसे स्विगी ने बढ़ाकर 14 किमी कर दिया था। दूरी में बढ़ोतरी की वजह से सुरेश को स्विगी का मेंबरशिप होने के बावजूद 103 रुपये का डिलीवरी चार्ज देना पड़ा। सुरेश ने आयोग में शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि स्विगी वन मेंबरशिप के तहत कंपनी 10 किमी तक की रेंज में फ्री डिलीवरी करने का वादा किया था।कोर्ट ने बाबू द्वारा दिए गए गूगल मैप के स्क्रीनशॉट्स और बाकी सबूतों की समीक्षा की और पाया कि दूरी में काफी बढ़ोतरी की गई है।

कोर्ट ने स्विगी को अनुचित व्यापार व्यवहार का दोषी पाया और कंपनी को आदेश दिया कि वे सुरेश बाबू को 9 प्रतिशत ब्याज के साथ 350.48 रुपये के खाने का रिफंड, डिलीवरी के 103 रुपये, मानसिक परेशानी और असुविधा के लिए 5000 रुपये, मुकदमे की लागत के लिए 5000 रुपए समेत कुल 35,453 रुपये का भुगतान करे।

Continue Reading

Trending