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प्रादेशिक

कश्मीर घाटी में तापमान में गिरावट जारी

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श्रीनगर| कश्मीर इस वक्त कड़ाके की सर्दी वाली 40 दिनों की अवधि ‘चिल्लई कलां’ का सामना कर रहा है। यहां शुक्रवार रात को तापमान हिमांक बिंदु से नीचे बना रहा। मौसम विभाग के एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, कश्मीर घाटी और जम्मू एवं कश्मीर के सबसे ठंडे लद्दाख क्षेत्र में शुक्रवार रात तापमान हिमांक बिंदु से नीचे बना रहा।

कश्मीर में शुक्रवार रात करीब 12.44 बजे 6.5 की तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए और लोगों को शून्य से 6.5 डिग्री सेल्सियस नीचे के तापमान में घर से बाहर निकलने पर मजबूर होना पड़ा।

अधिकारी ने कहा, “शनिवार को श्रीनगर में न्यूनतम तापमान शून्य से 3.2 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। काजीगुंड कस्बे में न्यूनतम तापमान शून्य से चार डिग्री सेल्सियस नीचे, पहलगाम में शून्य से 4.4 डिग्री सेल्सियस नीचे, गुलमर्ग में शून्य से 5.7 डिग्री सेल्सियस नीचे और कुपवाड़ा में शून्य से 3.0 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।”

उन्होंने कहा कि लद्दाख क्षेत्र के लेह में न्यूनतम तापमान शून्य से 10.1 डिग्री सेल्सियस नीचे और कारगिल में शून्य से 9.0 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।

अधिकारी ने बताया कि जम्मू क्षेत्र के जम्मू शहर में शनिवार को न्यूनतम तापमान 5.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, कटरा कस्बे में न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री, बटोत में 3.1 डिग्री, बनिहाल में 1.5 डिग्री और भदरवाह कस्बे में शून्य डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

जम्मू एवं कश्मीर में शनिवार को अगले 24 घंटों में हल्की बारिश और बर्फबारी होने के आसार हैं।

अधिकारी ने कहा कि श्रीनगर में अधिकतम तापमान चार डिग्री और जम्मू शहर में 16 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है।

इस बीच, ‘चिल्लई कलां’ की अवधि के कारण घाटी में झीलें, नदियां और तालाब जमने शुरू हो गए हैं।

फिसलन भरी सड़कों के कारण सुबह के वक्त कई यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।

राज्य में कड़ाके की सर्दी की 40 दिनों की अवधि ‘चिल्लई कलां’ 31 जनवरी को समाप्त होगी।

उत्तर प्रदेश

महाकुंभ में हर आपात स्थिति से निपटने की तैयारी

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प्रयागराज | महाकुंभ 2025 के वृहद आयोजन को सफल बनाने के लिए प्रतिबद्ध योगी सरकार हर आपात स्थिति से निपटने की तैयारी कर रही है। दुनिया के सबसे बड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम में परिंदा भी पर न मार सके, इसके लिहाज से स्वास्थ्य कर्मियों के साथ एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की कई टीमें मिलकर काम कर रही हैं। महाकुंभ से पहले केमिकल, बायलॉजिकल, रेडिएशनल और न्यूक्लियर प्रॉब्लम से निपटने के लिए भी टीम को तैयार कर लिए जाने की योजना है। इसके लिए बाकायदा कर्मचारियों को हर आपदा से निपटने की विधिवत ट्रेनिंग दी जाएगी। यही नहीं योगी सरकार के निर्देश पर श्रद्धालुओं के मेडिकल टेस्ट के लिए भी प्रयागराज के अस्पतालों को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अपग्रेड करने में लगे हैं।

श्रद्धालुओं के मेडिकल टेस्ट की भी व्यवस्था

संयुक्त निदेशक (चिकित्सा स्वास्थ्य) प्रयागराज वीके मिश्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर महाकुंभ के दौरान स्वास्थ्य विभाग सभी इंतजाम पुख्ता करने में जुटा है। इसके तहत कर्मचारियों को महाकुंभ में हर आपात स्थिति से निपटने की ट्रेनिंग दी जाएगी। महाकुंभ में देश विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के मेडिकल टेस्ट के लिए टीबी सप्रू और स्वरूपरानी अस्पताल को तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम के साथ स्वास्थ्य कर्मियों के मिलकर काम करने की योजना बनाई गई है। सनातन धर्म के सबसे बड़े आयोजन के दौरान हर एक श्रद्धालु को केमिकल, बायलॉजिकल, रेडिएशनल और न्यूक्लियर संबंधी हर प्रॉब्लम से सुरक्षित रखने के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।

अनुभवी चिकित्सकों की ही तैनाती

महाकुंभ के दौरान देश विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की देखरेख के लिए 291 एमबीबीएस व स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की तैनाती रहेगी। इसके अलावा 90 आयुर्वेदिक और यूनानी विशेषज्ञ भी इस अभियान में सहयोग के लिए मौजूद रहेंगे। साथ ही 182 स्टॉफ नर्स इन चिकित्सकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जरूरतमंदों के स्वास्थ्य की देखभाल करेंगी। इस प्रक्रिया में ज्यादातर अनुभवी चिकित्सकों को ही महाकुंभ के दौरान तैनाती दी जा रही है।

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