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मणिपुर हिंसा: जस्टिस गीता मित्तल कमेटी ने सौंपी रिपोर्ट, SC ने SG से मांगा सहयोग
नई दिल्ली। मणिपुर हिंसा पर जस्टिस (रिटायर्ड) गीता मित्तल कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंप दी है। सुप्रीम कोर्ट ने बताया कि मणिपुर हिंसा को लेकर जस्टिस गीता मित्तल की कमेटी ने तीन रिपोर्ट सौंपी हैं। कोर्ट ने अब सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता को रिपोर्ट देखने और इस मामले में सहयोग देने को कहा है।
हिंसा प्रभावितों के राहत और पुनर्वास के कामों पर तैयार की रिपोर्ट
बता दें कि मणिपुर हिंसा को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर हुईं थी। इन याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट की तीन पूर्व महिला जजों की एक कमेटी बनाई थी। इस कमेटी को मणिपुर में हिंसा प्रभावित लोगों के लिए चलाए जा रहे राहत और पुनर्वास कार्यक्रमों की देखरेख करने और रिपोर्ट सौंपने की जिम्मेदारी दी गई थी।
कमेटी का अध्यक्ष जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट की पूर्व मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल को बनाया गया था। साथ ही इस कमेटी में जस्टिस (रिटायर्ड) शालिनी जोशी और जस्टिस (रिटायर्ड) आशा मेनन को भी शामिल किया गया था।
जस्टिस आशा मेनन दिल्ली हाईकोर्ट की पूर्व जज हैं और जस्टिस शालिनी जोशी बॉम्बे हाईकोर्ट की पूर्व जज हैं। सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र पुलिस के पूर्व चीफ दत्तात्रेय पदसालगिकर को मणिपुर में आपराधिक मामलों की जांच की निगरानी करने का निर्देश दिया था। यह रिपोर्ट भी जल्द सुप्रीम कोर्ट में पेश की जाएगी।
बता दें कि मणिपुर में जनजातीय आरक्षण की मांग को लेकर बीती तीन मई को हिंसा भड़की थी। इस हिंसा में अभी तक सैंकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग विस्थापित हो चुके हैं।
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दिल्ली में अवैध रूप से रहने वाले बांग्लादेशियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने शुरू किया अभियान, 175 संदिग्ध लोगों की पहचान
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में अवैध रूप से रहने वाले बांग्लादेशियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने अभियान शुरू कर दिया है। अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों खिलाफ अपने सत्यापन अभियान दिल्ली पुलिस ने ऐसे 175 संदिग्ध लोगों की पहचान की है। अधिकारियों ने रविवार को इस बात की जानकारी दी है। पुलिस ने शनिवार को शाम 6 बजे से बाहरी दिल्ली क्षेत्र में 12 घंटे का सत्यापन अभियान चलाया था।
दिल्ली पुलिस ने क्या बताया?
इस अभियान को लेकर दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने कहा- “पुलिस ने वैध दस्तावेजों के बिना रहने वाले व्यक्तियों की पहचान करने और उन्हें हिरासत में लेने के अपने प्रयास तेज कर दिए हैं। बाहरी दिल्ली में व्यापक सत्यापन अभियान के दौरान 175 व्यक्तियों की पहचान संदिग्ध अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों के रूप में की गई है।
एलजी के आदेश पर कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने बीते 11 दिसंबर की तारीख से राजधानी में रह रहे अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को पहचानने के लिए अभियान की शुरुआत की थी। इससे एक दिन पहले 10 दिसंबर को एलजी वीके सक्सेना के सचिवालय ने अवैध प्रवासियों पर कार्रवाई का आदेश जारी किया था। इसके बाद से ही पुलिस ने अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को पकड़ने का अभियान शुरू किया है।
इस तरीके से चल रहे अभियान
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, बिना दस्तावेज वाले प्रवासियों की बढ़ती संख्या से चिंता बढ़ती जा रही है। बाहरी जिला पुलिस ने अपने अधिकार में आने वाले विभिन्न क्षेत्रों में कार्रवाई शुरू की है। पुलिस के मुताबिक, स्थानीय थानों, जिला विदेशी प्रकोष्ठों और विशेष इकाइयों के कर्मियों समेत विशेष टीम को घर-घर जाकर जांच करने और संदिग्ध अवैध प्रवासियों के बारे में खुफिया जानकारी इकट्ठा करने का निर्देश दिया गया है।
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