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मुख्य समाचार

प्रताप सी रेड्डी लॉयंस ह्यूमैनेटेरियन अवार्ड से सम्मानित

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नई दिल्ली, 30 जुलाई (आईएएनएस)| अपोलो अस्पताल के संस्थापक-अध्यक्ष डॉ प्रताप सी रेड्डी को रविवार को लॉयंस ह्यूमैनेटेरियन अवार्ड से सम्मानित किया गया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया।

उन्हें यह सम्मान विश्व स्तर की स्वास्थ्य देखभाल संबंधी सुविधाओं को लाखों लोगों तक पहुंचाने और इन्हें किफायती बनाने के लिए प्रदान किया गया।

डॉ. प्रताप सी रेड्डी इस सम्मान से सम्मानित होने वाले पांचवें भारतीय और दूसरे चिकित्सक हैं। लॉयंस ह्यूमैनेटेरियन अवार्ड लायंस क्लब इंटरनेशनल फाउंडेशन का सर्वोच्च सम्मान है, जो किसी ऐसे व्यक्ति या संगठन को दिया जाता है, जिसने अनुकरणीय मानवीय प्रयास किए हैं। डॉ रेड्डी पद्म भूषण और पद्म विभूषण से सम्मानित हैं।

इस अवसर पर डॉ प्रताप सी रेड्डी ने कहा, लॉयंस ह्यूमैनेटेरियन अवार्ड एक तरह से मेरी उन कोशिशों को और उन कदमों को मान्यता देने जैसा है, जो मैंने भारत के सभी लोगों के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा सुलभ बनाने की दिशा में उठाए हैं। हमारा नजरिया यही है कि स्वास्थ्य सेवा के लिहाज से भारत पूरी दुनिया में पहचाना जाए और दुनिया में हमारे देश को एक ऐसे गंतव्य के रूप में जाना जाए, जहां रोगों को दूर किया जाता है। अपोलो और अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संस्थानों द्वारा किए गए काम से भारतीय स्वास्थ्य देखभाल को मजबूती हासिल हुई है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में जबकि गैर-संक्रमणीय बीमारियां नई चुनौतियां और जोखिम पेश करती रहती हैं, हम सभी को एक ऐसी स्वास्थ्य प्रणाली बनाने के लिए एकजुट होना चाहिए, जो दुनिया के लिए उत्कृष्टता के प्रतीक के रूप में पहचानी जाए।

इस अवसर पर लॉयंस अपोलो हेल्थकेयर पार्टनरशिप प्रोग्राम (एलएएचपीपी) भी लॉन्च किया गया। समाज के वंचित और पिछड़े समुदाय के लिए इस प्रोग्राम का संचालन अपोला ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के सहयोग से लॉयंस क्लब इंटरनेशनल फाउंडेशन द्वारा किया जाएगा।

डॉ रेड्डी के मार्गनिर्देशन में अपोलो अस्पताल ने स्वास्थ्य देखभाल को ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए टेक्नोलॉजी और बीमा का उपयोग किया है। आंध्र प्रदेश में दुनिया के पहले वी-सैट सक्षम रिमोट गांव, अरागोंडा में टेलीमेडिसिन और अभिनव बीमा की सफलता ने ‘हेल्थकेयर फॉर ऑल’ की अवधारणा को लोगों तक पहुंचाया है। अपोलो रीच हॉस्पिटल्स मॉडल के माध्यम से देश के अर्ध शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों तक उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं की पहुंच संभव हो पाई है।

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नेशनल

क्या रद्द होगी राहुल गांधी की भारतीय नागरिकता ?

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नई दिल्ली। राहुल गांधी के पास ब्रिटेन की भी नागरिकता है और इसलिए उनकी भारतीय नागरिकता रद्द कर दी जानी चाहिए.’ एस विग्नेश शिशिर ने यह दावा करते हुए एक जनहित याचिका दायर की है, जिस पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को फैसला करने का निर्देश दिया. इस दौरान केंद्र सरकार की तरफ से पेश डिप्टी सॉलिसिटर जनरल ने कहा, ‘याचिकाकर्ता की तरफ से कुछ दस्तावेज गृह मंत्रालय को मिले हैं और वह इस पर विचार कर रहा है कि राहुल गांधी की नागरिकता रद्द की जानी चाहिए या नहीं.’

जस्टिस एआर मसूदी और सुभाष विद्यार्थी की डिविजन बेंच ने अपर सॉलिसिटर जनरल एसबी पांडेय को निर्देश दिया कि वो तीन हफ्ते के अंदर इस बारे में गृह मंत्रालय से निर्देश प्राप्त करें और अगली तारीख पर इसका जवाब पेश करें. इस मामले की सुनवाई अब 19 दिसबंर को रखी गई है.

मामले की पूरी जानकारी

राहुल गांधी की नागरिकता से जुड़ा विवाद तब शुरू हुआ जब लखनऊ हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई, जिसमें आरोप लगाया गया कि राहुल गांधी के पास ब्रिटिश नागरिकता है। याचिकाकर्ता एस विग्नेश शिशिर ने दावा किया कि उन्होंने गहन जांच के बाद यह निष्कर्ष निकाला है कि राहुल गांधी के पास यूके की नागरिकता है। शिशिर ने यह भी कहा कि उनके पास कुछ गोपनीय जानकारी है, जिससे यह साबित होता है कि राहुल गांधी का विदेशी नागरिकता प्राप्त करना कानून के तहत भारतीय नागरिकता को रद्द करने का कारण हो सकता है।

पहले इस मामले में शिशिर की याचिका को जुलाई 2024 में खारिज कर दिया गया था, लेकिन इसके बाद शिशिर ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास शिकायत की थी, जिसमें कोई एक्शन नहीं लिया गया। फिर से इस मामले को अदालत में लाया गया और अब गृह मंत्रालय से राहुल गांधी की नागरिकता पर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

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