Connect with us
https://aajkikhabar.com/wp-content/uploads/2020/12/Digital-Strip-Ad-1.jpg

मुख्य समाचार

एआईएफएफ अध्यक्ष से मुलाकात के इंतजार में आई-लीग क्लब

Published

on

Loading

नई दिल्ली, 1 मार्च (आईएएनएस)| भारत की प्राथमिक फुटबाल लीग आई-लीग के क्लब अखिल भारतीय फुटबाल महासंघ (एआएफएफ) के अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल के साथ मुलाकात का इंतजार कर रहे हैं। आई-लीग का मौजूदा सीजन 2018-19 अपने अंत की ओर है और ऐसे में एक बार फिर इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) और आई-लीग के विलय का सवाल खड़ा हो गया है। इस संबंध में चर्चा बीते कुछ वर्षो से चल रही है।

अगर कुछ मीडिया रिपोर्ट्स की बात की जाए तो यह आई-लीग का आखिरी सत्र होगा और ऐसी खबरों ने आई-लीग क्लबों की नींद उड़ा रखी है।

आई-लीग के आठ क्लबों -आईजोल एफसी, चेन्नई सिटी, चर्चिल ब्रदर्स, गोकुलाम केरला, मिनर्वा पंजाब, मोहन बागान, नेरोका और ईस्ट बंगाल- ने पटेल को पत्र लिख कर अपने भविष्य पर चर्चा करने का समय मांगा है, लेकिन उन्हें अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। जिन क्लबों ने इस पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं, उनमें रियल कश्मीर, शिलांग लाजोंग और एआईएफएफ की टीम इंडियन एरोज के नाम शामिल हैं।

मिनर्वा पंजाब के एक वरिष्ठ अधिकारी, जिन्होंने पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं, उन्होंने आईएएनएस से कहा, “हमें महासंघ से बैठक को लेकर कोई भी जवाब नहीं मिला है।”

एशियन फुटबाल परिसंघ (एएफसी) का संविधान एक देश को दो लीग एक साथ आयोजित करने की इजाजत नहीं देता।

एएफसी ने एआईएफएफ को दोनों लीगों के विलय का रोडमैप सौंप दिया है, लेकिन इसे लागू करने का काम काफी कठिन है। इसके लिए आईएसएल और आई-लीग क्लबों के हितधारकों का एक होना बेहद जरूरी है।

आई-लीग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनंदो धर ने आईएएनएस से कहा कि अध्यक्ष ने अभी बैठक की तारीख को लेकर पुष्टि नहीं की है। उन्होंने कहा, “हमें एआईएफएफ अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल से अभी भी बैठक के लिए तारीख मिलने का इंतजार है।”

 

Continue Reading

मुख्य समाचार

महाकुम्भ में पहली बार चप्पे चप्पे पर नजर रखने के लिए हवा में टीथर्ड ड्रोन तैनात

Published

on

Loading

महाकुम्भनगर|  महाकुम्भ में पहली बार चप्पे चप्पे पर नजर रखने के लिए हवा में टीथर्ड ड्रोन तैनात किया गया है। हाई रिजॉल्यूशन इमेज, वीडियो और सेंसर डेटा एकत्र करने की क्षमता वाले इस हाई सिक्योरिटी टीथर्ड ड्रोन की नजर से किसी का भी बच पाना नामुमकिन है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए यह अत्याधुनिक उपकरण महाकुम्भनगर में लगाया गया है। महाकुम्भनगर के एसएसपी ने इसकी निगरानी के लिए एक एक्सपर्ट टीम तैनात कर दी है।

हर गतिविधि होगी कैप्चर

महाकुम्भनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी ने इसे सेकेंडों में अलर्ट मोड में आ जाने वाला नायाब उपकरण बताया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चाहते हैं कि इस बार के महाकुम्भ को अविस्मरणीय बनाया जाए, जिसके लिए सुरक्षा व्यवस्था को हाईटेक किया जा रहा है। इस टीथर्ड ड्रोन में हाई रिजॉल्यूशन इमेज, वीडियो और सेंसर डेटा एकत्र करने की अद्भुत क्षमता है। डेटा ट्रांसमिशन के लिए यह बेहद सुरक्षित है और ऊंचाई से महाकुम्भनगर की हर छोटी-बड़ी गतिविधियां कैप्चर करने में इसे महारत हासिल है।

महाकुम्भ पुलिस की तीसरी आंख से बच पाना नामुमकिन

महाकुम्भनगर की पुलिस के लिए टीथर्ड ड्रोन तीसरी आंख का काम कर रहा है। इससे बच पाना किसी के लिए भी नामुमकिन है। इसके जरिए संगम तट के अलावा अत्यधिक भीड़ भाड़ वाले घाटों और प्रमुख स्थलों पर पैनी नजर रखी जा रही है। इसके अलावा मंदिरों और अन्य प्रमुख स्थलों पर नजर रखने के लिए हाई रिजॉल्यूशन कैमरे से लैस इस उपकरण को तैनात कर दिया गया है, जो पलक झपकते ही श्रद्धालुओं से संबंधित अलर्ट अफसरों को जारी कर रहे हैं।

एआई लाइसेंस युक्त कैमरे के साथ पुलिस अफसर मुस्तैद

महाकुम्भ के दौरान पुलिस पूरे मेला क्षेत्र में 2750 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। इसमें आधे से ज्यादा एआई लाइसेंस युक्त कैमरे भी शामिल हैं। एसएसपी महाकुम्भनगर राजेश द्विवेदी के अनुसार, इस बार महाकुम्भनगर में 45 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। ऐसे में सीएम योगी की मंशा के अनुरूप सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद बनाए रखने और किसी तरह की कोई अप्रिय घटना न हो, इसके लिए हर अधिकारी मुस्तैदी से कार्य कर रहा है।

ये है टीथर्ड ड्रोन

महाकुम्भनगर की महत्ता को ध्यान में रखते हुए इस बार टीथर्ड ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। ये एक विशेष प्रकार के कैमरे होते हैं। इन कैमरों को एक बड़े बलून के सहारे रस्सी से बांधकर एक निश्चित ऊंचाई पर तैनात किया जाता है। महाकुम्भनगर में इन्हें ऊंचे टॉवर्स पर इंस्टॉल किया जा रहा है। यहीं से ये पूरे मेला क्षेत्र में नजर रख रहे हैं। इन्हें बार-बार उतारना भी नहीं पड़ेगा और ये पूरे मेला क्षेत्र पर अपनी पैनी नजर से निगरानी कर सकने में सक्षम हैं।

बहुत दूर तक देख पाने में सक्षम

टीथर्ड ड्रोन की मदद से कंट्रोल रूम को मेला क्षेत्र की हर एक महत्वपूर्ण फुटेज प्राप्त हो सकेगी। इसके माध्यम से अत्यधिक भीड़ भाड़ वाले स्थानों को चिह्नित कर वहां तत्काल पुलिस का प्रबंध किया जा सकता है। वहीं किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि पर भी नजर रखी जा सकती है। हाई रिजॉल्यूशन के कारण ये कैमरे बहुत दूर तक देख पाने में सक्षम हैं।

Continue Reading

Trending