Connect with us
https://aajkikhabar.com/wp-content/uploads/2020/12/Digital-Strip-Ad-1.jpg

मुख्य समाचार

जीएसटी सहकारी संघवाद का प्रतीक : मोदी

Published

on

Loading

नई दिल्ली, 24 जून (आईएएनएस)| वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की तारीफ ‘संभवत: दुनिया के सबसे बड़े कर सुधार’ के रूप में करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि इसका लागू किया जाना ईमानदारी का जश्न है और यह सहकारी संघवाद का प्रतीक है।

प्रधानमंत्री ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में कहा कि एक साल पहले जीएसटी के लागू होने के साथ इस देश के लोगों का ‘एक राष्ट्र, एक कर’ का सपना वास्तविकता में बदल गया।

उन्होंेने कहा, जीएसटी शायद दुनिया में सबसे बड़ा कर सुधार है। यह न केवल ईमानदारी की जीत, बल्कि ईमानदारी का जश्न भी है।

मोदी ने कहा, जीएसटी सहकारी संघवाद का एक बड़ा उदाहरण है, जहां सभी राज्यों ने देश हित में सर्वसम्मति से निर्णय लेने का फैसला किया, और फिर इस तरह के एक बड़े कर सुधार को लागू किया जा सका।

उन्होंने कहा कि जीएसटी परिषद की अबतक 27 बैठकें हुई हैं, जिसमें विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों और विभिन्न प्राथमिकताओं को शामिल किया गया है। लेकिन, इन सबके बावजूद, सभी निर्णयों को पूर्ण सहमति मिली है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जीएसटी के आने से पहले देश में 17 विभिन्न प्रकार के कर थे, लेकिन अब पूरे देश में केवल एक कर (विभिन्न स्लैब के साथ) लागू है।

उन्होंने कहा कि जीएसटी शासन के तहत, सूचना प्रौद्योगिकी ने ‘इंस्पेक्टर राज’ की जगह ले ली, क्योंकि रिटर्न से लेकर रिफंड तक सारा काम मुख्य रूप से ऑनलाइन किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा, आमतौर पर यह माना जाता है कि बड़े पैमाने पर इतने बड़े देश में इतनी बड़ी आबादी के साथ बड़े कर सुधार को प्रभावी रूप से अपनाने में पांच-सात साल लग जाते हैं।

उन्होंने कहा, हालांकि, एक साल के भीतर इस देश के ईमानदार लोगों के उत्साह के परिणामस्वरूप यह नई कर प्रणाली स्थिरता प्राप्त कर रही है।

मोदी ने कहा कि भारत में इस तरह के एक बड़े कर सुधार का सफल कार्यान्वयन केवल इसलिए संभव हो पाया, क्योंकि नागरिकों ने इसे अपनाया और लोगों ने इसे बढ़ावा दिया। यह एक बड़ी सफलता है, जिसे 125 करोड़ भारतीयों ने खुद के लिए अर्जित की है।

Continue Reading

नेशनल

केजरीवाल ने सदन में पूछा सवाल, क्या लॉरेंस बिश्नोई को बीजेपी की तरफ से संरक्षण प्राप्त है

Published

on

Loading

नई दिल्ली। दिल्ली में कानून-व्यवस्था की खराब स्थिति को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शक्रवार को केंद्र सरकार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा है। अरविंद केजरीवाल ने विधानसभा में कहा कि दिल्ली में बदहाल होती कानून-व्यवस्था पर अमित शाह चुप क्यों हैं?। केजरीवाल ने कहा कि लॉरेंस बिश्नोई कौन है। इसका जवाब बीजेपी को देना होगा। क्या लॉरेंस बिश्नोई को बीजेपी की तरफ से संरक्षण प्राप्त है। उसे जेल में कौन-कौन सी सुविधाएं मिल रही हैं। वह गुजरात की जेल में रहते हुए भी देश-विदेश में गैंग कैसे चला रहा है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली में हमने स्कूल, अस्पताल, सड़कें और बिजली ठीक करने की जिम्मेदारी पूरी की है लेकिन केंद्र सरकार और गृह मंत्री अमित शाह से दिल्ली की कानून व्यवस्था संभाली नहीं जा रही है। दिल्ली में हत्याएं और बम ब्लास्ट हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी-अभी मैं देख रहा था कि एक वकील कह रहे थे कि सड़क पर हाथ में मोबाइल फोन ले जाना मुश्किल है। आप मोबाइल फोन लो जाओगे, कोई ना कोई आपका मोबाइल छीन लेगा। दिल्ली में दुष्कर्म हो रहे हैं, मर्डर कर देते हैं। मैं यह एक अखबार लेकर आया हूं। दिल्ली की कानून व्यवस्था को लेकर इसमें जानकारी दी गई है।

उन्होंने कहा कि आपके पड़ोस में गैंगवार शुरू हो गए हैं। ये लॉरेंस बिश्नोई कौन है? कैसे वह जेल में बैठ कर गैंग चला रहा है। इसके बारे में अमित शाह को बताना पड़ेगा। बिश्नोई गैंग, भाऊ ग्रैंड, गोगी गैंग… ऐसे दर्जन भर गैंग दिल्ली के अंदर सक्रिय हैं। कोई बता रहा था कि इन्होंने अपने एरिया बांट रखे हैं।

दिल्ली में कानून व्यवस्था का यह हाल हो गया है कि आज हर कोई डरा हुआ है। लोगों को वसूली के फोन आ रहे हैं। महिलाओं का रेप कर हत्या की जा रही है। लॉरेंस बिश्नोई की गैंग ने आतंक मचा रखा है। एक बात समझ नहीं आ रही कि लॉरेंस बिश्नोई BJP शासित गुजरात की साबरमती जेल में बंद है तो वह जेल में रहकर अपनी गैंग कैसे चला रहा है?

Continue Reading

Trending