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कर्नाटक: अब अल्पसंख्यक समुदाय के युवक की हत्या, पुलिस कर रही है जांच
मंगलुरु। कर्नाटक में दक्षिण कन्नड़ जिले के बेल्लारे में बीजेपी की युवा शाखा के कार्यकर्ता प्रवीण नेट्टारू की हत्या के बाद अब एक अल्पसंख्यक समुदाय के युवक फाजिल की हत्या का मामला सामने आया है। मंगलुरु के बाहरी इलाके सुरथकल में फाजिल की अज्ञात समूह ने हत्या कर दी है। युवक की हत्या चाकू गोदकर की गई है। मामला दक्षिण कन्नड़ का बताया जा रहा है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
कई जिलों में धारा 144 लागू
युवक की हत्या के बाद राज्य के कई जिलों में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इसके चलते सीआरपीसी की धारा 144 सुरथकल, मुल्की, बाजपे, पनाम्बुर में लगाई गई है। मंगलुरु के पुलिस आयुक्त एन शशि कुमार के अनुसार 28 जुलाई की रात 8 बजे सूरतकल के कृष्णापुरा कटिपल्ला रोड पर 23 साल के युवक पर चार-पांच युवकों ने बेरहमी से हमला किया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। सूरतकल थाने में केस दर्ज किया गया है।
अंतिम यात्रा में लोगों का हुजूम
मंगलुरु के पास सुरथकल में अज्ञात समूह द्वारा अल्पसंख्यक समुदाय के युवक की हत्या के बाद इलाका में तनाव का माहौल है। आज उनकी अंतिम यात्रा में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा है।
मुस्लिमों से अनुरोध, अफवाहों से सावधान रहें
आज जुमे की नमाज को ध्यान में रखते हुए राज्य के कई जिलों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। मंगलुरु पुलिस ने मुस्लिम नेताओं से भी अनुरोध किया कि वे अपने घरों में ही नमाज अदा करें। कमिश्नर की सीमा के तहत सभी शराब की दुकानें 29 जुलाई को बंद रहेंगी। पुलिस ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें। घटना के पीछे के मकसद की जांच और दोषियों की पहचान की जा रही है।
नेशनल
कौन हैं वी नारायणन, जो बनेंगे ISRO के नए अध्यक्ष
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने वी नारायणन को इसरो का नया अध्यक्ष और अंतरिक्ष विभाग का सचिव नियुक्त किया है। वी नारायणन 14 जनवरी से ISRO के अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालेंगे और साथ ही वह अंतरिक्ष विभाग के सचिव का पद भी संभालेंगे। नियुक्ति समिति के आदेश के अनुसार वी नारायणन अगले दो सालों तक या आगामी आदेश तक इन दोनों महत्वपूर्ण पदों पर काम करेंगे।
कौन हैं इसरो के नए प्रमुख?
वी नारायणन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक हैं। उनके पास रॉकेट और अंतरिक्षयान प्रणोदन के क्षेत्र में चार दशकों का व्यापक अनुभव है। वह वर्तमान में द्रव नोदन प्रणाली केंद्र (Liquid Propulsion Systems Centre, LPSC) के निदेशक के रूप में कार्यरत हैं, जो इसरो के मुख्य केंद्रों में से एक है। वी नारायणन 1984 में ISRO में शामिल हुए और लिक्विड प्रोपल्शन सिस्टम सेंटर (एलपीएससी) के निदेशक बनने से पहले विभिन्न पदों पर कार्य किया। प्रारंभिक चरण के दौरान, उन्होंने विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (VSSC) में साउंडिंग रॉकेट्स और संवर्धित उपग्रह प्रक्षेपण यान (ASLV) और ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (PSLV) के ठोस प्रणोदन क्षेत्र में काम किया।
वी नारायणन ने एब्लेटिव नोजल सिस्टम, कंपोजिट मोटर केस और कंपोजिट इग्नाइटर केस की प्रक्रिया योजना, प्रक्रिया नियंत्रण और कार्यान्वयन में योगदान दिया। फिलहाल नारायणन एलपीएससी के निदेशक हैं, जो ISRO के प्रमुख केंद्रों में से एक है, जिसका मुख्यालय तिरुवनंतपुरम के वलियामला में है, जिसकी एक इकाई बेंगलुरु में है। नारायणन के पास 40 साल का अनुभव है। वे रॉकेट और स्पेसक्राफ्ट ऑपरेशन के एक्सपर्ट हैं।
14 जनवरी को रिटायर हो रहे एस सोमनाथ
ISRO के मौजूदा चेयरमैन एस. सोमनाथ ने 14 जनवरी 2022 को ISRO चेयरमैन का पद संभाला था। वे तीन साल के कार्यकाल के बाद रिटायर हो रहे हैं। उनके कार्यकाल में ISRO ने इतिहास रचा। ISRO ने न सिर्फ चांद के साउथ पोल पर चंद्रयान-3 की लैंडिंग कराई, बल्कि धरती से 15 लाख किमी ऊपर लैगरेंज पॉइंट पर सूर्य के अध्ययन के लिए आदित्य-L1 भी भेजा।
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