Connect with us
https://aajkikhabar.com/wp-content/uploads/2020/12/Digital-Strip-Ad-1.jpg

उत्तर प्रदेश

NDA में जाते ही मायावती को झटका देंगे जयंत चौधरी? मलूक नागर से मुलाकात पर चर्चा तेज

Published

on

Jayant Chaudhary meeting with Malook Nagar

Loading

बिजनौर/मेरठ। राष्ट्रीय लोकदल (RLD) प्रमुख चौधरी जयंत सिंह ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल होने का ऐलान कर ही दिया है। NDA में जाने को लेकर एक हफ्ते से चर्चाएं हो रही थीं। हालांकि जयंत सिंह के दादा पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न दिए जाने की घोषणा के साथ ही गठबंधन पर एक तरह से मुहर लग गई थी।

इस बीच दिल्ली में दफ्तर पर बिजनौर से बसपा सांसद मलूक नागर की मुलाकात के बाद चर्चा का बाजार गर्म हो गया है। पश्चिमी उप्र की बिजनौर लोकसभा सीट से बीएसपी के सांसद मलूक नागर का सोमवार को चौधरी अजित सिंह की जयंती पर चौधरी जयंत सिंह से जाकर मिलना चर्चा का विषय बना हुआ है।

मलूक काफी दिन से चौधरी जयंत की तारीफ करते रहे हैं। फिलहाल सियासी हलकों में चर्चा है कि मलूक पाला बदल कर जयंत सिंह के साथ आ सकते है और बिजनौर से गठबंधन प्रत्याशी बनाए जा सकते हैं। इससे मायावती को तगड़ा झटका लग सकता है।

गौरतलब है कि जयंत एनडीए में शामिल हो चुके हैं। वैसे पहले कयास लगाए जा रहे थे कि सोमवार को मुजफ्फरनगर से शुरू हुए ग्राम संपर्क अभियान में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा RLD  को NDA में शामिल होने का ऐलान करेंगे, लेकिन एन वक्त पर नड्डा का कार्यक्रम निरस्त हो गया, तो सोमवार को जयंत ने खुद NDA में शामिल होने का ऐलान कर दिया। वैसे अभी गठबंधन की सीटों के बंटवारे को लेकर असल तस्वीर सामने आना बाकी है।

सोमवार को चौधरी अजित सिंह की जयंती थी। हजारों की तादाद मे वेस्ट यूपी से वर्कर उनको याद करने दिल्ली गए थे। वहां चौधरी जयंत सिंह से भी मिले। वर्कर जानकारी चाह रहे थे कि एनडीए से गठबंधन मे क्या तय हुआ।

अगर गठबंधन फाइनल हुआ तो आधिकारिक ऐलान अभी तक क्यों नहीं हुआ? गठबंधन को लेकर फैल रही चार विधायकों की नाराजगी की चर्चा कहां तक सही है? इस पर जयंत को मीडिया के सामने तस्वीर साफ करनी पड़ी।

जयंत सिंह ने कहा कि मैंने अपने सारे विधायकों से बात कर ली है, हमें कम समय में फैसला लेना पड़ा, परिस्थितियां ऐसी थीं। NDA के साथ जाने का फैसला लिया। हमारे सभी विधायक, कार्यकर्ता हमारे साथ हैं। जयंत ने यह भी कहा कि चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देकर मैं व्यक्तिगत तौर पर भी प्रफुल्लित था। पूरे देश में इस सम्मान के मिलने से खुशी का माहौल है।

इस बीच थाना भवन से RLD विधायक अशरफ अली ने भी NDA से गठबंधन पर किसी नाराजगी से इनकार किया। कहा कि हम पर चौधरी परिवार के अहसान हैं। इस गठबंधन से वेस्ट यूपी में सियासी समीकरण बदलना तय हैं।

Continue Reading

उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश में हुई 559 वर्ग किमी. वन व वृक्ष आच्छादन की वृद्धि

Published

on

Loading

लखनऊ |  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले साढ़े सात वर्ष से चल रहा ‘पेड़ लगाओ-पेड़ बचाओ जनअभियान’ रंग ले आया। 2024 में 36.80 करोड़ से अधिक पौधरोपण करने वाले उत्तर प्रदेश में आईएसएफआर 2023 के अनुसार 559 वर्ग किमी. वन व वृक्ष आच्छादन से अधिक की वृद्धि हुई है। उत्तर प्रदेश से आगे केवल छत्तीसगढ़ है, जबकि अन्य सभी राज्य उत्तर प्रदेश से पीछे हैं। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के नेतृत्व में आए इस सकारात्मक पहल की बधाई दी। वहीं केंद्रीय वन-पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने भी इस उपलब्धि पर उत्तर प्रदेश को शुभकामना दी।

देहरादून में भारत वन स्थिति रिपोर्ट (आईएसएफआर) 2023 की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई

🌳भारत का वन एवं वृक्ष आवरण 8,27,357 वर्ग किमी है, जो देश के भौगोलिक क्षेत्र का 25.17% है। इसमें 7,15,343 वर्ग किमी (21.76%) वन आवरण और 1,12,014 वर्ग किमी (3.41%) वृक्ष आवरण है।

🌳2021 के आकार-फ़ाइल आधारित मूल्यांकन की तुलना में वन एवं वृक्ष आवरण में 1,445 वर्ग किमी की वृद्धि हुई है, जिसमें वन आवरण में 156 वर्ग किमी और वृक्ष आवरण में 1289 वर्ग किमी की वृद्धि शामिल है।

🌳वन एवं वृक्ष आवरण में अधिकतम वृद्धि दिखाने वाले शीर्ष चार राज्यों में उत्तर प्रदेश दूसरे स्थान पर है। छत्तीसगढ़ (684 वर्ग किमी) के साथ शीर्ष पर है। ओडिशा का क्षेत्रफल (558.57 वर्ग किमी), राजस्थान (394 वर्ग किमी) व झारखंड (286.96 वर्ग किमी.) है।

इनसेट
इन राज्यों में हुई वृद्धि
राज्य एरिया
छत्तीसगढ़ 683.62 वर्ग किमी.
उत्तर प्रदेश 559.19 वर्ग किमी.
ओडिशा 558.57 वर्ग किमी.
राजस्थान 394.46 वर्ग किमी.
झारखंड 286.96 वर्ग किमी.

‘हरित उत्तर प्रदेश’ बनने की दिशा में तीव्रता से गतिमान है नया उत्तर प्रदेश:सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट ‘एक्स’ पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि नया उत्तर प्रदेश ‘हरित उत्तर प्रदेश’ बनने की दिशा में तीव्रता से गतिमान है। आईएसएफआर 2023 के अनुसार उत्तर प्रदेश में हुई 559 वर्ग कि.मी. की वन और वृक्ष आच्छादन की ऐतिहासिक वृद्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आह्वान ‘एक पेड़ मां के नाम’ और भारतीय दर्शन ‘माता भूमिः पुत्रोऽहं पृथिव्याः’ भाव से उत्तर प्रदेश वासियों के जुड़ाव का प्रतिफल है।

मानवता के कल्याण को समर्पित इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए पौधरोपण अभियान से जुड़े सभी लोगों, प्रकृति प्रेमियों एवं प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई!

यूपी में लगाए गए 36.80 करोड़ से अधिक पौधे

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में एक दिन (20 जुलाई) को 36.51 करोड़ पौधरोपण कर इतिहास रचने वाले उत्तर प्रदेश ने 30 सितंबर तक 36.80 करोड़ से अधिक पौधरोपण किए। साढ़े सात वर्ष में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 210 करोड़ पौधरोपण किये गए।

भारतीय वन सर्वेक्षण, देहरादून द्वारा वर्ष 2023 में प्रकाशित रिपोर्ट के परीक्षण करने पर उत्तर प्रदेश में वनावरण की स्थिति…

वनावरण

1. अति सघन वन 2,688.73 वर्ग कि०मी०
2. मध्यम सघन वन 4,001.41 वर्ग कि०मी०
3. खुला वन 8.355.66 वर्ग कि०मी०
4. कुल योग 15045.80 वर्ग कि०मी० (6.24%)
वृक्षावरण 8950.92 वर्ग कि0मी (3.72%)
कुल वनावरण व वृक्षावरण 23996.72 वर्ग कि0मी0 (9.96%)

भारतीय वन सर्वेक्षण, देहरादून द्वारा वर्ष 2021 (यथा संशोधित) में प्रकाशित रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश से सम्बन्धित आंकड़े…
वनावरण

1. अति सघन वन 2655.29 वर्ग कि०मी०
2. मध्यम सघन वन 3995.53 वर्ग कि०मी०
3. खुला वन 8276.55 वर्ग कि०मी०
4. कुल योग 14927.37 वर्ग कि०मी० (6.20%)
5-वृक्षावरण 8510.16 वर्ग कि0मी0 (3.53%)
6-कुल वनावरण व वृक्षावरण 23437.53 वर्ग कि0मी0.( 9.73%)

सर्वाधिक वृद्धि वाले उत्तर प्रदेश के पांच जनपद

1- झांसी – 8597 एकड़
2- अमरोहा – 7769 एकड़
3- इटावा – 7127 एकड़
4- कानपुर नगर – 6249 एकड़
5- बिजनौर – 3343 एकड

Continue Reading

Trending