उत्तर प्रदेश
श्री काशी विश्वनाथ धाम अपने ही रिकॉर्ड को कर रहा ध्वस्त, रविवार को 5 लाख से अधिक शिवभक्तों ने किया दर्शन
वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ धाम अपने ही रिकॉर्ड ध्वस्त कर रहा है। सावन व शिवरात्रि समेत पर्व-त्योहारों पर तो यहां लाखों भक्त दर्शन के लिए उमड़ते ही हैं, पर रविवार (17 मार्च) जैसे सामान्य दिन में भी यहां पांच लाख से अधिक शिवभक्तों ने दर्शन किया। यह संख्या सामान्यतः विशिष्ट पर्वों पर आने वाले दर्शनार्थियों के बराबर है। 13 दिसंबर 2021 को प्रधानमंत्री जी के हाथों लोकार्पित होने के बाद श्री काशी विश्वनाथ धाम नया कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। काशी पुराधिपति देवाधिदेव महादेव के दर्शन के लिए निरंतर श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। योगी सरकार की तरफ से काशी में श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध की जा रही हैं।
पांच लाख से अधिक दर्शनार्थी पहुंचे
नव्य व भव्य श्रीकाशी विश्वनाथ धाम मंदिर में सुविधा और सुरक्षा के चलते काशी में दर्शनार्थियों का आवागमन निरंतर बढ़ता जा रहा है। काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर के लगभग तीन हज़ार वर्ग फुट से, लगभग पांच लाख वर्ग फुट के विशाल क्षेत्र में परिवर्तित होने के बाद धाम में सनातनियों का दर्शन के लिए तांता लगा रह रहा है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री विश्व भूषण मिश्र ने बताया कि 17 मार्च 2024 को सामान्य दिवस (पर्व के अतिरिक्त) दर्शनार्थियों की सर्वाधिक दैनिक संख्या का नया रिकॉर्ड स्थापित हुआ। इस दिन कुल 5,03,024 दर्शनार्थियों ने महादेव के दर्शन प्राप्त किए। उन्होंने बताया कि कॉरिडोर लोकार्पण के पहले सामान्य दिनों में भक्तो की संख्या लगभग 20 से 30 हज़ार के आसपास रहती थी, जबकि लोकार्पण के बाद श्रद्धालुओं की संख्या बढ़कर 1.5 लाख से 2 लाख हो गई थी।
काशी व अयोध्या में आ रहे सर्वाधिक श्रद्धालु
मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने बताया कि सावन और शिवरात्रि में भक्तो की संख्या सर्वाधिक होती है, लेकिन सामान्य दिनों में ऐसा पहली बार देखने को मिला है, जब शिव भक्तों की संख्या एक दिन (रविवार 17 मार्च) को 5 लाख के पार हो गई है। ट्रेवल एजेंट एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया (टीएएआई) उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के सचिव प्रदीप राय ने बताया कि अयोध्या और काशी के टू वे सर्किट के लिए पर्यटकों का सबसे ज्यादा रुझान हो रहा है। दोनों धार्मिक शहरों में सबसे ज्यादा पर्यटक वीकेंड में आ रहे हैं।
उत्तर प्रदेश
राम नगरी अयोध्या के बाद भगवान श्री राम से जुड़ी एक और नगरी को भव्य स्वरूप दे रही योगी सरकार
प्रयागराज। योगी सरकार प्रयागराज महाकुंभ को दिव्य और भव्य स्वरूप प्रदान कर रही है। प्रयागराज नगरी के साथ ही जिले में गंगा किनारे स्थित निषादराज गुह्य की राजधानी रहे श्रृंगवेरपुर धाम का भी कायाकल्प सरकार कर रही है। श्रृंगवेरपुर धाम में धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन के साथ रूरल टूरिज्म की भी संभावनाएं विकसित हो रही हैं।
मिल रहा है भव्य स्वरूप
राम नगरी अयोध्या में भगवान श्री राम के मंदिर के भव्य निर्माण और गर्भ ग्रह में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद अब प्रभु राम के अनन्य भक्त निषादराज की राजधानी श्रृंगवेरपुर को भी भव्य स्वरूप दिया जा रहा है। यूपी की पूर्व की सरकारों में उपेक्षित रहे प्रयागराज के श्रृंगवेरपुर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नई पहचान दी है। सामाजिक समरसता के प्रतीक इस स्थान को धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के साथ अब रूरल टूरिज्म के साथ भी जोड़ कर विकसित किया जा रहा है।
प्रयागराज की क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अपराजिता सिंह बताती हैं कि श्रृंगवेरपुर धाम का कायाकल्प का कार्य समापन के चरण में है। इसके अंतर्गत यहां ₹3732.90 लाख की लागत से निषादराज पर्यटन पार्क स्थल का निर्माण कार्य दो फेज में किया गया है। निषादराज पार्क (फेज-1) के निर्माण हेतु ₹ 1963.01 लाख के बजट से निषादराज एवं भगवान श्रीराम मिलन की मूर्ति की स्थापना व मूर्ति के पैडेस्टल का कार्य, पोडियम का कार्य, ओवर हेड टैंक, बाउण्ड्रीवाल, प्रवेश द्वार का निर्माण, गार्ड रूम आदि कार्य कराया गया। इसी तरह श्रृंगवेरपुर धाम में निषादराज पार्क (फेज-2) के ₹ 1818.90 लाख के बजट से इस भगवान श्रीराम के निषादराज मिलन से सम्बन्धित गैलरी , चित्रांकन, ध्यान केन्द्र, केयर टेकर रूम, कैफेटेरिया, पॉथ-वे, पेयजल व टॉयलेट ब्लॉक, कियास्क, पार्किंग, लैंड स्केपिंग, हॉर्टिकल्चर,आउटर रोड, सोलर पैनल, मुक्ताकाशी मंच आदि कार्य कराए गए हैं। 6 हेक्टेयर में बनाए गए इस भव्य पार्क का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे।
रूरल टूरिज्म का हब बनेगी निषादराज की नगरी
धार्मिक और आध्यत्मिक पर्यटन के साथ श्रृंगवेरपुर धाम को ग्रामीण पर्यटन के साथ जोड़कर विकसित करने का रोड मैप तैयार किया गया है ।अपराजिता सिंह के मुताबिक रूरल टूरिज्म के अन्तर्गत श्रृंगवेरपुर धाम को विकसित किये जाने के लिए सबसे पहले यहां ग्रामीण क्षेत्र में होम स्टे की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। इसके लिए यहां स्थानीय लोगों को अपने यहां मड हाउस या हट बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि पर्यटकों को कुछ अलग अनुभव हो सके। इन सभी स्थानों पर थीमेटिक पेंटिंग होगी, स्थानीय खानपान और स्थानीय संस्कृति को भी यहां संरक्षित किया जाएगा । पर्यटक भी यहां स्टे करने के दौरान स्थानीय ग्रामीण क्राफ्ट का हिस्सा बन सके ऐसी उनकी कोशिश है।
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