प्रादेशिक
सीएम योगी ने 5,000 नवीन स्वास्थ्य उपकेंद्रों का किया शुभारंभ
लखनऊ। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से 5,000 नवीन स्वास्थ्य उपकेंद्रों, 15 जनपदों में स्थापित BSL-2 प्रयोगशालाओं व ‘मंत्र- मां नवजात ट्रैकिंग एप’ का शुभारम्भ करते हुए कहा कि इन नवीन स्वास्थ्य उपकेंद्रों के उद्घाटन कार्यक्रम के अवसर पर मैं चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को धन्यवाद व जनता को बधाई देता हूं।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा 5,000 नवीन स्वास्थ्य उपकेंद्रों, 15 B.S.L-2 प्रयोगशालाओं के लोकार्पण के साथ ही MaNTrA एप का शुभारम्भ हो रहा है। यूपी सरकार द्वारा स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में हमारी टीम ने कोविड प्रबंधन का एक बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत किया। इस अवसर पर मैं हेल्थ वर्कर्स, विशेष तौर पर एएनएम, आंगनबाड़ी व आशा वर्कर्स का अभिनन्दन करता हूं।
उन्होंने कहा कि देश में सर्वाधिक टेस्टिंग व टीकाकरण करने वाला राज्य उत्तर प्रदेश है। कोविड-19 उपचार के लिए सर्वाधिक बेड उपलब्ध कराने वाला राज्य भी उत्तर प्रदेश है। सबसे बड़ी आबादी वाले प्रदेश में अब तक 16 करोड़ से अधिक टीके लगाए जा चुके हैं। उत्तर प्रदेश में मातृ व शिशु मृत्यु दर को कम करने में काफी हद तक सफलता प्राप्त हुई है। अब हमारे सभी 75 जनपदों में BSL-2 लैब व RT-PCR लैब हैं। उत्तर प्रदेश में 108, 102 के तहत एम्बुलेंस का बहुत बड़ा बेड़ा तैयार है। प्रत्येक जनपद में 5-7 लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस भी संचालित हैं।
उत्तर प्रदेश
श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद को लेकर दाखिल याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में टली सुनवाई
नई दिल्ली। मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद को लेकर दाखिल याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टल गई है। अगली सुनवाई एक अप्रैल से शुरू होगी। अगली सुनवाई तक कृष्णजन्मभूमि सर्वे मामले पर रोक जारी रहेगी। बता दें कि मुस्लिम पक्ष की कई याचिकाएं SC में दाखिल हुई हैं। इसमें विवादित जगह पर सर्वे की इजाज़त देने, निचली अदालत में लंबित सभी मुकदमों को हाई कोर्ट के अपने पास सुनवाई के लिए ट्रांसफर करने को चुनौती देने वाली याचिकाएं भी शामिल हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने और क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस आदेश पर अपनी रोक बढ़ा दी, जिसमें मथुरा में शाही ईदगाह मस्जिद परिसर के अदालत की निगरानी में सर्वेक्षण की अनुमति दी गई थी। यह परिसर कृष्ण जन्मभूमि मंदिर के निकट स्थित है, जो हिंदुओं के लिए महत्वपूर्ण धार्मिक महत्व का स्थल है। मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन की पीठ ने कहा कि वह मस्जिद परिसर के अदालत की निगरानी में सर्वेक्षण के खिलाफ ‘ट्रस्ट शाही मस्जिद ईदगाह प्रबंधन समिति’ की याचिका पर सुनवाई अप्रैल से शुरू होने वाले सप्ताह के लिए टालते हैं।
पीठ ने कहा कि इस बीच, शाही ईदगाह मस्जिद परिसर के अदालत की निगरानी में सर्वेक्षण पर रोक लगाने वाला इलाहाबाद हाई कोर्ट का अंतरिम आदेश जारी रहेगा। शीर्ष अदालत ने पिछले साल 16 जनवरी को सबसे पहले हाई कोर्ट के 14 दिसंबर, 2023 के आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी थी। हाई कोर्ट ने शाही ईदगाह मस्जिद परिसर के अदालत की निगरानी में सर्वेक्षण की अनुमति दी थी और इसकी देखरेख के लिए एक अदालत आयुक्त की नियुक्ति पर सहमति व्यक्त की थी।
हिंदू पक्ष का दावा है कि परिसर में ऐसे संकेत हैं जो बताते हैं कि इस स्थान पर कभी मंदिर हुआ करता था। हिंदू पक्षों की ओर से पेश वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा था कि मस्जिद समिति की अपील हाई कोर्ट के 14 दिसंबर, 2023 के आदेश के खिलाफ दायर की गई थी और मामले से जुड़े आदेश निष्फल हो गए हैं।
-
लाइफ स्टाइल1 day ago
स्वस्थ रखने का अच्छा व आसान उपाय है टहलना, कई बीमारियों से करेगा बचाव
-
प्रादेशिक2 days ago
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर फैजान अंसारी ने सैफ को अस्पताल पहुंचाने वाले ऑटो ड्राइवर को दी 11 हजार रु की आर्थिक सहायता
-
ऑफ़बीट3 days ago
कौन है महाकुंभ की मोनालिसा ? जो सोशल मीडिया पर हो रही है वायरल
-
अन्तर्राष्ट्रीय2 days ago
अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप का शपथ ग्रहण आज, मुकेश और नीता अंबानी भी होंगे शामिल
-
अन्तर्राष्ट्रीय2 days ago
अमेरिका में भारतीय छात्र की गोली मारकर हत्या, सदमे में परिवार
-
नेशनल2 days ago
कोलकाता ट्रेनी डॉक्टर रेप-हत्या मामला: संजय राय को उम्रकैद की सजा, 50 हजार का जुर्माना भी लगा
-
नेशनल1 day ago
केजरीवाल की हालत खराब, उनका मानसिक संतुलन बिगड़ गया है: बीजेपी
-
नेशनल1 day ago
बीजेपी अगर सत्ता में आई तो ये झुग्गी वालों और गरीब तबके के लोगों को राक्षसों की तरह निगल जाएगी: केजरीवाल