Connect with us
https://aajkikhabar.com/wp-content/uploads/2020/12/Digital-Strip-Ad-1.jpg

प्रादेशिक

नीतीश के ‘ज्ञान’ पर बगलें झांकती दिखीं राबड़ी, मुंह छिपाती व रोती हुईं बाहर आईं महिला MLC

Published

on

Nitish Kumar

Loading

पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधानसभा और विधान परिषद में परिवार नियोजन के जो तरीके बताए, उसकी निंदा पूरे देश में हो रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ऐसा बयान क्यों दिया, उनकी स्थिति इस वक्त क्या है इस बात का अंदाजा लगाना मुश्किल है।

नीतीश कुमार ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन जो बात विधानसभा के बाद विधान परिषद में कही वह और भी ज्यादा शर्मसार करने वाला था। दरअसल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जनसंख्या नियंत्रण और परिवार नियोजन के तरीके बता रहे थे।

नीतीश ने ऐसा क्या कहा, मुंह छिपाती दिखीं महिला MLC!

नीतीश कुमार ने यह तरीका बताने के दौरान उन्होंने महिलाओं की शिक्षा पर जोर दिया। जिस तरीके और जिन लफ्जों का उन्होंने प्रयोग किया, वह सदन में बैठी तमाम महिला एमएलसी को मुंह छुपाने पर मजबूर करने वाला था। सदन के भीतर शायद ही कभी ऐसी असहज स्थिति बनी होगी। जब किसी माननीय की बात पर पूरे सदन की महिला और पुरुष नेता शर्म से अपना चेहरा छुपाते नजर आए हों।

नीतीश के ‘ज्ञान’ पर बगलें झांकती दिखीं राबड़ी

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जब अपने तरीके से सेक्स एजुकेशन सदन के भीतर दे रहे थे उस वक्त करीब आधे दर्जन महिला एमएलसी मौजूद थीं।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जिस समय परिषद के ‘भीतर’ ‘अंदर-बाहर’ जैसे शब्द का प्रयोग कर रहे थे वह महिला एमएलसियों के लिए भी बेहद शर्मनाक था। स्थिति यह थी कि सदन के भीतर बैठी पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी बगलें झांकती नजर आईं। उन्होंने अपना चेहरा बाई तरफ घूम लिया। चेहरे पर असहज भाव साफ नजर आ रहे थे।

लेसी सिंह की यह थी स्थिति

नीतीश कुमार के ठीक पीछे बैठी लेसी सिंह की हिम्मत सिर ऊपर उठाने की भी नहीं हुई। नीतीश कुमार जब तक अपना सेक्स एजुकेशन वाला भाषण देते रहे तब तक लेसी सिंह ने सिर ऊपर नहीं किया। राजद एमएलसी मुन्नी देवी अपनी साड़ी से मुंह छिपाती हुई नजर आईं। मुन्नी देवी को यह समझ ही नहीं आ रहा था कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार क्या कह रहे हैं। सदन के भीतर तमाम माननीय एक दूसरे से नजर चुराते नजर आए।

निवेदिता सिंह रोती हुईं आईं बाहर

बीजेपी एमएलसी निवेदिता सिंह से यह सब बर्दाश्त नहीं हुआ और वह सदन छोड़कर बाहर चली आईं। इसके बाद जो हुआ वह सबने देखा। सदन से बाहर आकर निवेदिता सिंह फूट-फूट कर रोने लगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जो भाषा थी, वह सदन के भीतर मौजूद तमाम महिला एमएलसी को शर्मसार कर रही थी। महिला एमएलसी की स्थिति ऐसी थी कि वह सदन के भीतर ही मुंह छिपाने को मजबूर थी।

सम्राट चौधरी ने हाथ जोड़कर कहा ‘बस कीजिए’

विधानसभा में जिन शब्दों का प्रयोग मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया वह तरीका परिवार नियोजन और जनसंख्या नियंत्रण का हो सकता है। हालांकि, विधान परिषद में उन्होंने जिन शब्दों का प्रयोग किया वह विधानसभा से भी अश्लील कहा जा सकता है। ऐसे शब्द किसी मुख्यमंत्री को शोभा नहीं देते। परिषद के भीतर आधे दर्जन से ज्यादा महिला एमएलसी मौजूद थीं।

खुद राबड़ी देवी भी वहां मौजूद थीं और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ठीक पीछे मंत्री लेसी सिंह मौजूद थीं। तमाम माननीय के चेहरे पर कई सवाल थे। कुछ माननीय अपने चेहरे पर आए इन सवालों को छुपाने की कोशिश कर रहे थे।

इसी बीच बिहार भाजपा अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने सदन में खड़े होकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हाथ जोड़े। उन्होंने नीतीश कुमार से आग्रह किया कि ‘अब बस भी कीजिए। आप अभिभावक हैं।’ इसके बाद मुख्यमंत्री ने नव दंपति के बीच के संबंधों के विषय से बाहर निकले।

Continue Reading

उत्तर प्रदेश

शामली मुठभेड़ में घायल हुए STF इंस्पेक्टर सुनील कुमार शहीद, गुरुग्राम के मेदांता में चल रहा था इलाज

Published

on

Loading

गुरुग्राम। उत्तर प्रदेश के शामली में हुई एक मुठभेड़ के दौरान स्पेशल टास्क फोर्स ने चार कुख्यात अपराधियों को ढेर कर दिया। इस अभियान में एसटीएफ इंस्पेक्टर सुनील कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में उन्होंने दम तोड़ दिया।

इस घटना में मारा गया मुख्य अपराधी अरशद जिसके सिर पर 1 लाख रुपए का इनाम था। अपने तीन साथियों के साथ मुठभेड़ में मारा गया। यह घटना कानून-व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई। लेकिन एसटीएफ ने इस दौरान एक वीर अधिकारी को खो दिया।

शुरू में उन्‍हें करनाल के अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था लेकिन बाद में हालत खराब होने पर गुरुग्राम के मेदांता में रेफर किया गया। बीते 24 घंटे खतरे से बाहर नहीं हुए थे इंस्पेक्टर सुनील कुमार। वह वहां आईसीसीयू में भर्ती थे।

बताया जा रहा है कि एक गोली इंस्‍पेक्‍टर के लिवर को पार करके पीठ में अटक गई थी। इसे निकाला संभव नहीं था, इसलिए इसे छोड़ दिया गया।इंस्‍पेक्‍टर सुनील कुमार ठोकिया एनकाउंटर में आउट ऑफ टर्न प्रमोशन पाकर हेड कांस्टेबल से सब इंस्पेक्टर बने थे। शामली में सोमवार देर रात कग्‍गा गैंग के चार बदमाशों के एनकाउंटर में इंस्पेक्टर सुनील कुमार भी शामिल थे। बदमाश एक कार में सवार थे। घेरे जाने पर उन्‍होंने पुलिस पर फायरिंग कर दी थी। इसी में सुनील कुमार घायल हुए थे। जवाबी कार्रवाई में STF ने चार बदमाशों को मार गिराया था।

Continue Reading

Trending