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प्रादेशिक

योगी सरकार ने 23 लाख श्रमिकों को दी सौगात, खाते में ट्रांसफर किए 1,000 रुपए

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को 23 लाख निर्माण श्रमिकों को ₹230 करोड़ की सौगात दी। प्रत्येक श्रमिक के खाते में 1000 रुपये की धनराशि भरण पोषण भत्ते के तौर पर भेजी गई है। सीएम योगी ने कहा कि रजिस्टर्ड श्रमिकों को भरण पोषण भत्ता उपलब्ध कराने के आज के इस कार्यक्रम में उपस्थित मंत्रिगण, सदस्यगण समेत सभी अधिकारीगण, जनपदों से जुड़े सभी सांसद व अन्य सभी लोगों का मैं हृदय से स्वागत व अभिनंदन करता हूं। हम सब की लड़ाई कोरोना के खिलाफ विगत सवा वर्ष से चल रही है। बहुत से ऐसे लोग होंगे जिन्होंने इस महामारी में अपने परिजनों को खोया होगा। उन सभी के प्रति मैं अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं।

उन्होंने कहा कि आप सभी श्रमिकों ने अपने परिश्रम और पुरुषार्थ के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने में मदद की है। इसके लिए मैं आप सभी का हृदय से अभिनंदन करता हूं। विगत वर्ष जब लॉकडाउन लगा था तब श्रमिक वर्ग सर्वाधिक प्रभावित हुआ था। कोरोना के खिलाफ लड़ाई को आगे बढ़ाने हेतु श्रमिकों ने प्रदेश की 25 करोड़ जनता को बचाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसी का परिणाम है कि यूपी सरकार जनता को बचाने में सफल रही है।

सीएम योगी ने कहा कि विगत वर्ष हमारे सामने चैलेंज ज्यादा था। 40 लाख से अधिक प्रवासी श्रमिक व कामगार प्रदेश में आए थे। सभी के लिए रहने-खाने की व्यवस्थाएं की गई थीं। प्रदेश सरकार ने जनप्रतिनिधियों व स्वयं सेवी संगठनों के साथ मिलकर के सफलतापूर्वक कार्यक्रम को आगे बढ़ाया। यूपी सरकार ने तय किया है कि प्रदेश में संगठित व असंगठित क्षेत्र के सभी कामगार श्रमिकों को ₹02 लाख की सामाजिक सुरक्षा की गारंटी दी जाएगी। यदि किसी भी श्रमिक के साथ घटना-दुर्घटना होती है, तो उसके परिजनों को यह धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अपने किसान बंधुओं, श्रमिकों, युवाओं, कामगारों आदि के हितों को सुरक्षित रखने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने को संकल्पित है। आज भरण पोषण भत्ता का यह कार्यक्रम इसी उद्देश्य के साथ प्रारंभ किया गया है। आज के इस अवसर पर मैं एक बार फिर से इन 23 लाख से अधिक श्रमिक बंधुओं को भरण पोषण भत्ता के लिए बधाई व शुभकामनाएं देता हूं। ध्यान रखें, कोरोना का संक्रमण कमजोर हुआ है, लेकिन समाप्त नहीं हुआ है। इसलिए, कोविड प्रोटोकॉल का पालन जरूर करें।

उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश में हुई 559 वर्ग किमी. वन व वृक्ष आच्छादन की वृद्धि

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लखनऊ |  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले साढ़े सात वर्ष से चल रहा ‘पेड़ लगाओ-पेड़ बचाओ जनअभियान’ रंग ले आया। 2024 में 36.80 करोड़ से अधिक पौधरोपण करने वाले उत्तर प्रदेश में आईएसएफआर 2023 के अनुसार 559 वर्ग किमी. वन व वृक्ष आच्छादन से अधिक की वृद्धि हुई है। उत्तर प्रदेश से आगे केवल छत्तीसगढ़ है, जबकि अन्य सभी राज्य उत्तर प्रदेश से पीछे हैं। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के नेतृत्व में आए इस सकारात्मक पहल की बधाई दी। वहीं केंद्रीय वन-पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने भी इस उपलब्धि पर उत्तर प्रदेश को शुभकामना दी।

देहरादून में भारत वन स्थिति रिपोर्ट (आईएसएफआर) 2023 की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई

🌳भारत का वन एवं वृक्ष आवरण 8,27,357 वर्ग किमी है, जो देश के भौगोलिक क्षेत्र का 25.17% है। इसमें 7,15,343 वर्ग किमी (21.76%) वन आवरण और 1,12,014 वर्ग किमी (3.41%) वृक्ष आवरण है।

🌳2021 के आकार-फ़ाइल आधारित मूल्यांकन की तुलना में वन एवं वृक्ष आवरण में 1,445 वर्ग किमी की वृद्धि हुई है, जिसमें वन आवरण में 156 वर्ग किमी और वृक्ष आवरण में 1289 वर्ग किमी की वृद्धि शामिल है।

🌳वन एवं वृक्ष आवरण में अधिकतम वृद्धि दिखाने वाले शीर्ष चार राज्यों में उत्तर प्रदेश दूसरे स्थान पर है। छत्तीसगढ़ (684 वर्ग किमी) के साथ शीर्ष पर है। ओडिशा का क्षेत्रफल (558.57 वर्ग किमी), राजस्थान (394 वर्ग किमी) व झारखंड (286.96 वर्ग किमी.) है।

इनसेट
इन राज्यों में हुई वृद्धि
राज्य एरिया
छत्तीसगढ़ 683.62 वर्ग किमी.
उत्तर प्रदेश 559.19 वर्ग किमी.
ओडिशा 558.57 वर्ग किमी.
राजस्थान 394.46 वर्ग किमी.
झारखंड 286.96 वर्ग किमी.

‘हरित उत्तर प्रदेश’ बनने की दिशा में तीव्रता से गतिमान है नया उत्तर प्रदेश:सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट ‘एक्स’ पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि नया उत्तर प्रदेश ‘हरित उत्तर प्रदेश’ बनने की दिशा में तीव्रता से गतिमान है। आईएसएफआर 2023 के अनुसार उत्तर प्रदेश में हुई 559 वर्ग कि.मी. की वन और वृक्ष आच्छादन की ऐतिहासिक वृद्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आह्वान ‘एक पेड़ मां के नाम’ और भारतीय दर्शन ‘माता भूमिः पुत्रोऽहं पृथिव्याः’ भाव से उत्तर प्रदेश वासियों के जुड़ाव का प्रतिफल है।

मानवता के कल्याण को समर्पित इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए पौधरोपण अभियान से जुड़े सभी लोगों, प्रकृति प्रेमियों एवं प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई!

यूपी में लगाए गए 36.80 करोड़ से अधिक पौधे

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में एक दिन (20 जुलाई) को 36.51 करोड़ पौधरोपण कर इतिहास रचने वाले उत्तर प्रदेश ने 30 सितंबर तक 36.80 करोड़ से अधिक पौधरोपण किए। साढ़े सात वर्ष में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 210 करोड़ पौधरोपण किये गए।

भारतीय वन सर्वेक्षण, देहरादून द्वारा वर्ष 2023 में प्रकाशित रिपोर्ट के परीक्षण करने पर उत्तर प्रदेश में वनावरण की स्थिति…

वनावरण

1. अति सघन वन 2,688.73 वर्ग कि०मी०
2. मध्यम सघन वन 4,001.41 वर्ग कि०मी०
3. खुला वन 8.355.66 वर्ग कि०मी०
4. कुल योग 15045.80 वर्ग कि०मी० (6.24%)
वृक्षावरण 8950.92 वर्ग कि0मी (3.72%)
कुल वनावरण व वृक्षावरण 23996.72 वर्ग कि0मी0 (9.96%)

भारतीय वन सर्वेक्षण, देहरादून द्वारा वर्ष 2021 (यथा संशोधित) में प्रकाशित रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश से सम्बन्धित आंकड़े…
वनावरण

1. अति सघन वन 2655.29 वर्ग कि०मी०
2. मध्यम सघन वन 3995.53 वर्ग कि०मी०
3. खुला वन 8276.55 वर्ग कि०मी०
4. कुल योग 14927.37 वर्ग कि०मी० (6.20%)
5-वृक्षावरण 8510.16 वर्ग कि0मी0 (3.53%)
6-कुल वनावरण व वृक्षावरण 23437.53 वर्ग कि0मी0.( 9.73%)

सर्वाधिक वृद्धि वाले उत्तर प्रदेश के पांच जनपद

1- झांसी – 8597 एकड़
2- अमरोहा – 7769 एकड़
3- इटावा – 7127 एकड़
4- कानपुर नगर – 6249 एकड़
5- बिजनौर – 3343 एकड

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