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मुख्य समाचार

दिल्ली: कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित बोले- अब तक 10-10 छापे पड़ने चाहिए थे

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नई दिल्ली। शराब नीति में गड़बड़ी को लेकर दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के खिलाफ सीबीआई की छापेमारी चल रही है। सात राज्यों में 21 ठिकानों पर यह छापेमारी की जा रही है। छापा पड़ते ही इस पर राजनीति भी तेज हो गई है।

आम आदमी पार्टी ने जहां इसे ‘अच्छे काम’ को रोकने की कोशिश बताया है तो भाजपा कह रही है कि केजरीवाल सरकार खजाना लूटने के बाद विक्टिम कार्ड खेल रही है। अब इस मुद्दे पर बीजेपी को कांग्रेस का साथ मिला है। कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के बेटे संदीप दीक्षित ने कहा है कि सीबीआई ने काफी देर कर दी है।

संदीप दीक्षित ने एएनआई से बातचीत के दौरान शराब नीति के अलावा स्कूल बनाने और शिक्षक भर्ती में भी गड़बड़ी का आरोप लगाया और पूछा कि 7-8 साल तक रेड क्यों नहीं डाली गई। संदीप ने कहा, ” दिल्ली सरकार में पिछले 7-8 साल से जो हो रहा था, इसमें आश्चर्य ये है कि अब तक रेड क्यों नहीं पड़ी? आबकारी नीति, स्कूल बनाने में धांधली, शिक्षक भर्ती घोटाला, सिविल डिफेंस भर्ती घोटाला जिसमें भी आप देखेंगे तो उसमे 1 नहीं 10-10 छापे पड़ने चाहिए।”

कांग्रेस के प्रवक्ता पवन खेड़ा ने लिखा, ”एजेंसियों के निरंतर दुरुपयोग का एक बड़ा नुकसान यह भी होता है कि जब वह एजेंसी सही काम भी करे तब भी उसके कदम को शक की दृष्टि से देखा जाता है। ऐसे में भ्रष्ट लोग दुरुपयोग की दुहाई देकर बच निकलते हैं और जो ईमानदारी से जनता के मुद्दे उठाते हैं, वो दुरुपयोग का शिकार होते रहते हैं।”

भाजपा ने कहा- शिक्षा नहीं, शराब की हो रही बात

केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर कहा कि जो लोग भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन की बात करते थे और राजनीति में नहीं आने की बात कर रहे थे। वे राजनीति में भी आए और भ्रष्टाचार में भी लिप्त हुए।

उन्होंने कहा, ” भ्रष्टाचारी जितना मर्जी ईमानदारी का चोला पहन ले, वह भ्रष्टाचारी ही रहता है। आम आदमी पार्टी का भ्रष्टाचार कई बार सामने आया है। आज मुद्दा है शराब के ठेकों का और इसमें हुए भ्रष्टाचार का। इसके मंत्री हैं, मनीष सिसोदिया जी।

जिस दिन सीबीआई की जांच दी उसी दिन शराब नीति को वापस लिया। अगर शराब नीति में कोई घोटाला नहीं था तो उसे वापस क्यों लिया। क्योंकि शराब के ठेकों में भ्रष्टाचार हुआ। अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया की साठगांठ सामने आई।

सीबीआई और जांच का डर केजरीवाल जी को मजबूर करती है ट्वीट करने पर। यह शिक्षा नहीं, शराब की बात हो रही है और शराब के ठेकों में भ्रष्टाचार की बात हो रही है। जनता को मूर्ख ना समझें, राष्ट्र के नाम अपना संदेश देना बंद करें।”

उत्तर प्रदेश

दूसरे दिन के सर्वे के लिए ASI की टीम संभल के कल्कि विष्णु मंदिर पहुंची, कृष्ण कूप का किया निरीक्षण

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संभल। उत्तर प्रदेश के संभल में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की टीम लगातार दूसरे दिन भी सर्वे करने पहुंची। ASI की टीम संभल के कल्कि विष्णु मंदिर पहुंच गई है। अब यहां पर ASI की टीम सर्वे का काम कर रही है। ASI की टीम के साथ प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद हैं। आज सर्वे का काम कृष्ण कूप में किया जाना है, जो कल्कि मंदिर के मेन गेट के पास है। बताया जा रहा है कि ये कृष्ण कूप संभल के जामा मस्जिद के पास से महज 500 मीटर की दूरी पर है। कृष्ण कूप चारों तरफ दीवारों से घिरा हुआ है। इसके चारों तरफ 5 फीट ऊंची दीवार बनी हुई है। इसके साथ ही कूप के अंदर झाड़ियां और गंदगी फैली हुई है।

संभल की एसडीएम वंदना मिश्रा ने बताया कि आर्कियोलॉजी की टीम आई थी। यहां पर एक प्राचीन कृष्ण कूप है। जिसका काल निर्धारण होना है। वह कितना पुराना है। उसी का निरीक्षण किया है। टीम ने कल्की मंदिर के भी दर्शन किए हैं। यह टीम लगभग 15 मिनट यहां पर रुकी है।
कल्कि मंदिर के पुजारी महेंद्र शर्मा ने बताया कि यहां पर एक टीम आई थी। उन्होंने एक कुआं देखा। वह कोने पर है। टीम परिसर में घूमी और मंदिर के अंदर की फोटो ली। मैंने उनसे कहा कि इस कार्य को मैं पुनर्जीवित करवाना चाहता हूं। उन्होंने कहा कि यह बहुत पुराना मंदिर है। एक हजार वर्ष का नक्शा, उसमें यह मंदिर दिखाया गया है। जो हरि मंदिर है उसके अन्दर यह मंदिर बना है।

ज्ञात हो कि जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने संभल के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को देखते हुए एएसआई निदेशक को पत्र भेजकर सर्वे कराने की मांग की थी। इसके बाद एएसआई की टीम ने संभल में प्राचीन धार्मिक स्थलों और कुओं का सर्वे शुरू किया। डीएम ने कहा था कि संभल का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व है। 19 कूप और पांच तीर्थों का एएसआई की टीम ने सर्वे किया है। यह सर्वे करीब 9 घंटे तक चला है।

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