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प्रादेशिक

लखनऊ: अस्पताल में नर्स के हाथ से फिसलकर फर्श पर गिरा नवजात, मौत

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लखनऊ। लखनऊ के चिनहट के एक अस्पताल में नर्स के हाथ से गिरकर एक नवजात की मौत हो गई। घटना पर बवाल हुआ तो अस्पताल ने बताया कि बच्चा मरा हुआ पैदा हुआ है लेकिन परिजनों की सजगता से मामला बाहर आ गया। चिनहट पुलिस थाना एसएचओ के मुताबिक, 19 अप्रैल की रात 10 से 11 बजे के बीच सेंटर फॉर न्यू हेल्थ अस्पताल में एक महिला ने बच्चे को जन्म दिया था. लेकिन महिला की देखरेख में लगी नर्स ने लापरवाही बरतते हुए नवजात शिशु को बिना टॉवल लपेटे ही उठा लिया और वह फिसलकर जमीन पर जा गिरा. इससे नवजात ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

पुलिस ने नर्स और अस्पताल स्टाफ के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी अभिषेक पांडे ने बुधवार को बताया कि अस्पताल की सिफारिश पर घटना वाले दिन बच्चे का पोस्टमार्टम कराया गया। उन्होंने कहा, 20 अप्रैल को आई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चला है कि मौत सिर में चोट लगने के कारण हुई है। एडीसीपी (पूर्वी क्षेत्र), कासिम आबिदी ने कहा कि लापरवाही से मौत, आपराधिक धमकी और स्वेच्छा से चोट पहुंचाने का मामला 24 अप्रैल को एक नर्स और अस्पताल के अन्य स्टाफ सदस्यों के खिलाफ दर्ज किया गया था। हालांकि अभी तक अस्पताल या उसके स्टाफ के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

मृतक बच्चे के पिता जीवन राजपूत द्वारा चिनहट पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत दर्ज कराने के बाद मामला दर्ज किया गया है। राजपूत ने बताया कि घटना के बाद से उनकी पत्नी पूनम सदमे में हैं और उनका इलाज चल रहा है। राजपूत ने कहा कि वह 19 अप्रैल को अपनी पत्नी को अस्पताल ले गए थे, क्योंकि उसे प्रसव पीड़ा होने लगी थी और रात में उसकी डिलीवरी हो गई। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, मुझे बताया गया कि बच्चा मृत पैदा हुआ है। हालांकि, जब मैंने अपनी पत्नी से बात की, तो उसने कहा कि प्रसव सामान्य था और उसने बच्चे को जीवित देखा था। मेरी पत्नी ने मुझे बताया कि उसने एक नर्स को बिना किसी तौलिया के बच्चे को अपने हाथों में लेते हुए देखा था और बच्चा उसके हाथ से फिसल गया। मेरी पत्नी घबरा गई और चिल्लाने लगी। नर्स और अन्य स्टाफ सदस्यों ने उसका मुंह दबा दिया और उसे अपना मुंह बंद रखने की धमकी दी। हालांकि अस्पताल ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई है।

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उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश में हुई 559 वर्ग किमी. वन व वृक्ष आच्छादन की वृद्धि

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लखनऊ |  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले साढ़े सात वर्ष से चल रहा ‘पेड़ लगाओ-पेड़ बचाओ जनअभियान’ रंग ले आया। 2024 में 36.80 करोड़ से अधिक पौधरोपण करने वाले उत्तर प्रदेश में आईएसएफआर 2023 के अनुसार 559 वर्ग किमी. वन व वृक्ष आच्छादन से अधिक की वृद्धि हुई है। उत्तर प्रदेश से आगे केवल छत्तीसगढ़ है, जबकि अन्य सभी राज्य उत्तर प्रदेश से पीछे हैं। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के नेतृत्व में आए इस सकारात्मक पहल की बधाई दी। वहीं केंद्रीय वन-पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने भी इस उपलब्धि पर उत्तर प्रदेश को शुभकामना दी।

देहरादून में भारत वन स्थिति रिपोर्ट (आईएसएफआर) 2023 की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई

🌳भारत का वन एवं वृक्ष आवरण 8,27,357 वर्ग किमी है, जो देश के भौगोलिक क्षेत्र का 25.17% है। इसमें 7,15,343 वर्ग किमी (21.76%) वन आवरण और 1,12,014 वर्ग किमी (3.41%) वृक्ष आवरण है।

🌳2021 के आकार-फ़ाइल आधारित मूल्यांकन की तुलना में वन एवं वृक्ष आवरण में 1,445 वर्ग किमी की वृद्धि हुई है, जिसमें वन आवरण में 156 वर्ग किमी और वृक्ष आवरण में 1289 वर्ग किमी की वृद्धि शामिल है।

🌳वन एवं वृक्ष आवरण में अधिकतम वृद्धि दिखाने वाले शीर्ष चार राज्यों में उत्तर प्रदेश दूसरे स्थान पर है। छत्तीसगढ़ (684 वर्ग किमी) के साथ शीर्ष पर है। ओडिशा का क्षेत्रफल (558.57 वर्ग किमी), राजस्थान (394 वर्ग किमी) व झारखंड (286.96 वर्ग किमी.) है।

इनसेट
इन राज्यों में हुई वृद्धि
राज्य एरिया
छत्तीसगढ़ 683.62 वर्ग किमी.
उत्तर प्रदेश 559.19 वर्ग किमी.
ओडिशा 558.57 वर्ग किमी.
राजस्थान 394.46 वर्ग किमी.
झारखंड 286.96 वर्ग किमी.

‘हरित उत्तर प्रदेश’ बनने की दिशा में तीव्रता से गतिमान है नया उत्तर प्रदेश:सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट ‘एक्स’ पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि नया उत्तर प्रदेश ‘हरित उत्तर प्रदेश’ बनने की दिशा में तीव्रता से गतिमान है। आईएसएफआर 2023 के अनुसार उत्तर प्रदेश में हुई 559 वर्ग कि.मी. की वन और वृक्ष आच्छादन की ऐतिहासिक वृद्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आह्वान ‘एक पेड़ मां के नाम’ और भारतीय दर्शन ‘माता भूमिः पुत्रोऽहं पृथिव्याः’ भाव से उत्तर प्रदेश वासियों के जुड़ाव का प्रतिफल है।

मानवता के कल्याण को समर्पित इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए पौधरोपण अभियान से जुड़े सभी लोगों, प्रकृति प्रेमियों एवं प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई!

यूपी में लगाए गए 36.80 करोड़ से अधिक पौधे

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में एक दिन (20 जुलाई) को 36.51 करोड़ पौधरोपण कर इतिहास रचने वाले उत्तर प्रदेश ने 30 सितंबर तक 36.80 करोड़ से अधिक पौधरोपण किए। साढ़े सात वर्ष में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 210 करोड़ पौधरोपण किये गए।

भारतीय वन सर्वेक्षण, देहरादून द्वारा वर्ष 2023 में प्रकाशित रिपोर्ट के परीक्षण करने पर उत्तर प्रदेश में वनावरण की स्थिति…

वनावरण

1. अति सघन वन 2,688.73 वर्ग कि०मी०
2. मध्यम सघन वन 4,001.41 वर्ग कि०मी०
3. खुला वन 8.355.66 वर्ग कि०मी०
4. कुल योग 15045.80 वर्ग कि०मी० (6.24%)
वृक्षावरण 8950.92 वर्ग कि0मी (3.72%)
कुल वनावरण व वृक्षावरण 23996.72 वर्ग कि0मी0 (9.96%)

भारतीय वन सर्वेक्षण, देहरादून द्वारा वर्ष 2021 (यथा संशोधित) में प्रकाशित रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश से सम्बन्धित आंकड़े…
वनावरण

1. अति सघन वन 2655.29 वर्ग कि०मी०
2. मध्यम सघन वन 3995.53 वर्ग कि०मी०
3. खुला वन 8276.55 वर्ग कि०मी०
4. कुल योग 14927.37 वर्ग कि०मी० (6.20%)
5-वृक्षावरण 8510.16 वर्ग कि0मी0 (3.53%)
6-कुल वनावरण व वृक्षावरण 23437.53 वर्ग कि0मी0.( 9.73%)

सर्वाधिक वृद्धि वाले उत्तर प्रदेश के पांच जनपद

1- झांसी – 8597 एकड़
2- अमरोहा – 7769 एकड़
3- इटावा – 7127 एकड़
4- कानपुर नगर – 6249 एकड़
5- बिजनौर – 3343 एकड

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