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उत्तर प्रदेश

सीएम योगी हर योजना की स्वयं कर रहे हैं निगरानी, लापरवाह अफसरों पर जल्द होगी कार्रवाई

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लखनऊ। उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ‘डंडा’ सिर्फ गुंडों माफियाओं पर ही नहीं बल्कि जनता से जुड़े कार्यों में लापरवाही बरतने वालों अफसरों पर भी चलेगा। अपने दूसरे कार्यकाल में सीएम योगी हर योजना की निगरानी स्वयं कर रहे हैं। वह आम लोगों से जुड़ी शिकायतों की रोजाना मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

जनता दर्शन, जनसुनवाई समाधान प्रणाली (आईजीआरएस) और सीएम हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों की रिपोर्ट उन्हें प्रतिदिन दी जा रही है। सीएम के पास आम लोगों की शिकायतों से जुड़ी हर जिले की रिपोर्ट है और इसी के आधार पर जिले के कई अफसर रडार पर हैं। जल्द कई जिलों में अफसरों पर कार्रवाई होगी।

योगी 2.0 में आम लोगों की शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता के आधार पर अफसरों को दंड और इनाम मिल रहा है, अच्छा काम करने वालों अफसरों को प्राइम पोस्टिंग मिल रही है, तो खराब प्रदर्शन करने वालों को किनारे भी किया जा रहा है। हाल ही में ऐसे कई अफसरों को निलंबित करने से लेकर प्रतिकूल प्रविष्टि तक दी गई है।

सीएम योगी के जनता दर्शन में पहुंच रही हर शिकायतों का गहनता से परीक्षण किया जा रहा है और ऐसे मामलों, जिनमें कार्यवाही की जरूरत है, उन्हें संबंधित अधिकारी को भेजा जा रहा है। कुछ मामलों में निचले स्तर पर अधिकारियों की लापरवाही पर कार्रवाई भी की गई है।

मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार मुख्यमंत्री योगी के जनता दर्शन में इस साल चार अप्रैल से 16 अगस्त तक 28,715 जनशिकायतें आई हैं। इसमें से 26,258 मामलों का निस्तारण हो चुका है। 3,329 संवेदनशील मामलों में उसी दिन सीएम कार्यालय की ओर से फोन पर बात कर आख्या ली गई है और 2,677 मामलों में अनुमोदन किया गया है।

591 आख्याओं को संतोषजनक नहीं होने पर आपत्ति के साथ वापस किया गया है और तब तक वापस किया जा रहा है, जब तक गुणवत्तापरक निस्तारण न हो जाए। मुख्यमंत्री के जनता दर्शन में शिकायतों की ऐसी भी फेहरिस्त है, जो बार-बार की जाती हैं। इनमें ज्यादातर मामले ऐसे हैं, जो मुख्यमंत्री के अधिकार क्षेत्र के बाहर हैं।

कई मामले चिकित्सकीय आर्थिक सहायता के होते हैं, जिनमें मुख्यमंत्री की ओर से संबंधित सूचीबद्ध अस्पताल में प्राथमिकता के आधार पर धनराशि भेजी जाती है, ऐसे आर्थिक सहायता के रोजाना पांच से 25 प्रार्थना-पत्र मिलते हैं। सीएम योगी ने कई बार तो जनता दर्शन में ही दिव्यांगों को व्हील चेयर, इलेक्ट्रिक स्टिक और श्रवण यंत्र आदि दिए हैं।

उत्तर प्रदेश

महाकुम्भ 2025 के सफल आयोजन के लिए 07 हजार बसों के अलावा 550 शटल बसें संचालित करेगा परिवहन निगम

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लखनऊ/प्रयागराज। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में उ0प्र0 परिवहन निगम दिव्य, भव्य एवं ग्रीन महाकुम्भ मेला-2025 के सफल आयोजन के लिए 07 हजार बसों को संचालित करेगा। परिवहन निगम प्रदेश के सभी महत्वपूर्ण स्थानों से सुगम, सस्ती एवं आरामदायक सुविधायें उपलब्ध कराने के लिए कटिबद्ध है।

महाकुम्भ मेला में सड़क मार्ग से पूर्वाचल से अधिक संख्या में तीर्थयात्री आते हैं। इसके दृष्टिगत पूर्वांचल के छोटे-छोटे कस्बों से मेला स्थल को जोड़ते हुए बसों के संचालन की योजना परिवहन निगम ने तैयार की है। महिला एवं वृद्ध तीर्थयात्रियों को विशेष सुविधा प्रदान करने की योजना बनाई गयी है।

3 चरणों में संचालन

एमडी परिवहन निगम मासूम अली सरवर ने बताया कि महाकुम्भ मेला 2025 के दौरान मुख्य स्नान 13 जनवरी से 26 फरवरी, 2025 के बीच पड़ रहे, जिसमें मौनी अमावस्या का शाही स्नान 29 जनवरी एवं बसंत पंचमी का शाही स्नान 03 फरवरी, 2025 को है। महाकुम्भ 2025 के दौरान लगभग 6800 परिवहन बसें एवं लगभग 200 वातानुकूलित बसों का संचालन किये जाने की योजना है।

प्रथम चरण में 12 जनवरी से 23 जनवरी तक द्वितीय चरण में 24 जनवरी से 07 फरवरी तक एवं तीसरे चरण में 08 फरवरी से 27 फरवरी तक तीन चरणों में महाकुम्भ मेले में संचालन को बाटा गया है। निगम के कुल 19 क्षेत्रों से लगभग 165 मार्गों पर निगम की बसों का संचालन किया जायेगा।

550 शटल बसें चलाई जाएंगी

एमडी परिवहन निगम ने बताया कि बसों के अतिरिक्त 550 शटल बसें विभिन्न स्थाई एवं अस्थाई बस स्टेशनों एवं विभिन्न मार्गों पर निर्धारित वाहन पार्किंग स्थलों से संगम तट के निकट स्थित भारद्वाज पार्क एवं भारत स्काउट गाइड कालेज बैक रोड तक तथा लेप्रोसी बस स्टेशन व अंधावा बस स्टेशन तक संचालित किये जाने की योजना है।

उन्होंने बताया कि मुख्य स्नान पर्व पर शश्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ बढ़ने के कारण शास्त्रीपुल, फाफामऊ पुल एवं यमुना पुल यातायात हेतु प्रतिबंधित रहने की स्थिति में शहर के बाहर कुल 08 अस्थाई बस स्टेशन गठित किये जायेंगे, जिसमें झूसी बस स्टेशन, दुर्जनपुर बस स्टेशन, सरस्वतीगेट बस स्टेशन, नेहरू पार्क बस स्टेशन, बेली कछार बस स्टेशन, बेला कछार बस स्टेशन, सरस्वती हाइटेक सिटी मेनू एवं लेप्रोसी मिशन बस स्टेशन हैं।

इन मार्गों प्रभाग संचालन

एमडी ने बताया कि झूसी बस स्टेशन से दोहरी घाट, बड़हलगंज, गोला, उरूवा, खजनी, सीकरीगंज, गोरखपुर मार्ग, आजमगढ़-बलिया-मऊ व सम्बद्ध मार्ग के लिए बसों का संचालन किया जायेगा। दुर्जनपुर बस स्टेशन का उपयोग झूसी बस स्टेशन की बसों का संचालन मेला प्रशासन द्वारा रोके जाने पर किया जायेगा।

इसी प्रकार सरस्वतीगेट बस स्टेशन से बदलापुर, शाहगंज, टांडा व सम्बद्ध मार्ग एवं वाराणसी एवं संबद्ध मार्ग के लिए बसों का संचालन किया जायेगा, नेहरू पार्क बस स्टेशन से कानपुर एवं कौशाम्बी को संबद्ध मार्ग के लिए, बेला कछार बस स्टेशन से रायबरेली लखनऊ व संबद्ध मार्ग एवं फैजाबाद, अयोध्या, गोण्डा, बस्ती, बहराइच व संबद्ध मार्ग के लिए, सरस्वती हाइटेक सिटी नैनी से विन्ध्यांचल, मिर्जापुर, शक्तिनगर व संबद्ध मार्ग के लिए, लैप्रोसी मिशन बस स्टेशन से बांदा-चित्रकूट व संबद्ध मार्ग एवं रीवा-सीधी व संबद्ध मार्ग के लिए संचालन किया जायेगा।
नेहरू पार्क बस स्टेशन पर बसों का संचालन मेला प्रशासन द्वारा रोके जाने पर बसों का संचालन बेली कछार बस स्टेशन से किया जायेगा।

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