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मुख्य समाचार

‘गुलाम’ के समर्थन में कांग्रेस से ‘आज़ाद’ हुए 65 और नेता, पूर्व डिप्टी सीएम भी

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नई दिल्ली। पिछले दिनों कांग्रेस छोड़ने वाले वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद पार्टी को झटके पर झटके दे रहे हैं। उनके समर्थन में कई नेताओं के कांग्रेस छोड़ने के बाद मंगलवार को एक बार फिर से 65 नेताओं ने कांग्रेस छोड़ दी। इन नेताओं में पूर्व डिप्टी सीएम ताराचंद भी शामिल हैं।

इन सभी नेताओं ने सोनिया गांधी को साझा इस्तीफा लिखा है। ताराचंद के अलावा इस्तीफा देने वाले नेताओं में पूर्व मंत्री अब्दुल माजिद वानी, मनोहर लाल शर्मा, गारू राम और बलवान सिंह शामिल हैं। इन सभी नेताओं ने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता तक से इस्तीफा देते हुए कहा कि हम गुलाम नबी आजाद साहब के साथ हैं।

मीडिया से बात करते हुए बलवान सिंह ने कहा, ‘हमने सोनिया गांधी को लिखे इस्तीफे में बताया है कि कैसे पार्टी को लीडरशिप का संकट झेलना पड़ रहा है। हम दशकों तक कांग्रेस से जुडे़ रहे हैं, लेकिन हमारे साथ जैसा सलूक किया गया, वह अपमानजनक था। हमने अपने मेंटर गुलाम नबी आजाद के कांग्रेस छोड़ने के बाद यह फैसला लिया है।

हमने बहुत सहा, अब और नहीं

गुलाम नबी आजाद ने मंगलवार को फेसबुक पेज पर लिखा, ‘मुझे खुशी है कि लोग जम्मू-कश्मीर के हित में हमारे साथ आ रहे हैं। मैं उन लोगों को निराश नहीं करूंगा। हिंदू,. मुस्लिम, सिख, ईसाई और बौद्ध सभी मिलकर जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए काम करेंगे। हमने बहुत कुछ झेल लिया है। अब समय है कि हम लोग मिलकर आगे चलें और नया जम्मू-कश्मीर बनाएं।’

74 साल के गुलाम नबी आजाद ने अपनी पार्टी बनाने का ऐलान किया है और वह 4 सितंबर से अपनी दूसरी पारी की शुरुआत करने वाले हैं। वह जम्मू में 4 सितंबर को रैली करने वाले हैं।

रैली की तैयारी, 90 सीटों पर लड़ेंगे चुनाव

इसके बाद 12 सितंबर को वह श्रीनगर में रैली करेंगे। यही नहीं वह 7 से 10 सितंबर के दौरान डोडा, किश्तवाड़ और भद्रवाह जिलों का दौरा करेंगे। आजाद के भरोसेमंद लोगों का कहना है कि हमारी पार्टी जम्मू-कश्मीर की सभी 90 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। इससे साफ है कि जम्मू-कश्मीर के चुनाव में भी कांग्रेस को आजाद के एग्जिट का खामियाजा उठाना पड़ेगा।

उत्तर प्रदेश

दूसरे दिन के सर्वे के लिए ASI की टीम संभल के कल्कि विष्णु मंदिर पहुंची, कृष्ण कूप का किया निरीक्षण

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संभल। उत्तर प्रदेश के संभल में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की टीम लगातार दूसरे दिन भी सर्वे करने पहुंची। ASI की टीम संभल के कल्कि विष्णु मंदिर पहुंच गई है। अब यहां पर ASI की टीम सर्वे का काम कर रही है। ASI की टीम के साथ प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद हैं। आज सर्वे का काम कृष्ण कूप में किया जाना है, जो कल्कि मंदिर के मेन गेट के पास है। बताया जा रहा है कि ये कृष्ण कूप संभल के जामा मस्जिद के पास से महज 500 मीटर की दूरी पर है। कृष्ण कूप चारों तरफ दीवारों से घिरा हुआ है। इसके चारों तरफ 5 फीट ऊंची दीवार बनी हुई है। इसके साथ ही कूप के अंदर झाड़ियां और गंदगी फैली हुई है।

संभल की एसडीएम वंदना मिश्रा ने बताया कि आर्कियोलॉजी की टीम आई थी। यहां पर एक प्राचीन कृष्ण कूप है। जिसका काल निर्धारण होना है। वह कितना पुराना है। उसी का निरीक्षण किया है। टीम ने कल्की मंदिर के भी दर्शन किए हैं। यह टीम लगभग 15 मिनट यहां पर रुकी है।
कल्कि मंदिर के पुजारी महेंद्र शर्मा ने बताया कि यहां पर एक टीम आई थी। उन्होंने एक कुआं देखा। वह कोने पर है। टीम परिसर में घूमी और मंदिर के अंदर की फोटो ली। मैंने उनसे कहा कि इस कार्य को मैं पुनर्जीवित करवाना चाहता हूं। उन्होंने कहा कि यह बहुत पुराना मंदिर है। एक हजार वर्ष का नक्शा, उसमें यह मंदिर दिखाया गया है। जो हरि मंदिर है उसके अन्दर यह मंदिर बना है।

ज्ञात हो कि जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने संभल के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को देखते हुए एएसआई निदेशक को पत्र भेजकर सर्वे कराने की मांग की थी। इसके बाद एएसआई की टीम ने संभल में प्राचीन धार्मिक स्थलों और कुओं का सर्वे शुरू किया। डीएम ने कहा था कि संभल का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व है। 19 कूप और पांच तीर्थों का एएसआई की टीम ने सर्वे किया है। यह सर्वे करीब 9 घंटे तक चला है।

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